बुक रिव्यू- 24 घंटे में बदल सकती है जिंदगी:अगर रोजमर्रा की आदतें बदल डालें, जागने से लेकर सोने तक हरेक सेकेंड का करें सदुपयोग
By : Devadmin -
किताब- 24 घंटे में बदलें जीवन (‘24 ऑवर्स इज ऑल इट टेक्स: डेली हैबिट्स गारंटीड टू चेंज योर लाइफ’ का हिन्दी अनुवाद) लेखक- विवियन रिसि अनुवादक- अविनाश मिश्रा प्रकाशक- मंजुल प्रकाशन मूल्य- 299 रुपए ‘24 घंटे में बदलें जीवन’ विवियन रिसि की लिखी एक सेल्फ-हेल्प बुक है। यह किताब है। यह पाठकों को छोटी-छोटी डेली रूटी की आदतों के जरिए जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का रास्ता दिखाती है। विवियन रिसि टोरंटो (कनाडा) के एक सफल रियल एस्टेट प्रोफेशनल हैं। विवियन ने अपने चार दशक के अनुभव और पॉजिटिव लाइफस्टाइल में विश्वास के आधार पर यह किताब लिखी है। उनकी पिछली किताब ‘यस यू कैन: इट ऑल स्टार्ट विद यू’ की तरह, यह किताब भी सेल्फ-हेल्प पर आधारित है। किताब का सार यह किताब इस विचार पर आधारित है कि जीवन में बड़े बदलाव लाने के लिए आपको बड़े कदमों की जरूरत नहीं है। इसके बजाय छोटी-छोटी आदतों में बदलाव आपके जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। किताब में 15 खास आदतें बताई गई हैं। ये आदतें पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन लाने में मदद करती हैं। किताब का उद्देश्य ‘एक दिन में एक कदम’ पर आधारित है। यह किताब उन लोगों के लिए लिखी गई है, जो अपने जीवन में कुछ कमी महसूस करते हैं और उसे हासिल करने की योजना बनाते हैं। किताब में विवियन रिसि अपने व्यक्तिगत अनुभवों और सफल आंत्रप्रेन्योर्स की दिनचर्या से प्रेरित होकर सलाह देती हैं। इससे सीख सकते हैं कि कैसे आप अपने दिन काे ज्यादा-से-ज्यादा उपयोगी बना सकते हैं। किताब में उनकी अपनी कहानी ‘कनाडा में एक अप्रवासी के रूप में शुरुआत से लेकर एक सफल बिजनेसवुमन बनने तक की कहानी’ भी शामिल है, जो पाठकों को प्रेरणा देती है। किताब की मुख्य और जरूरी बातें किताब में विश्व के सफल आंत्रप्रेन्योर्स की डेली हैबिट्स का जिक्र है, जैसे टाइम मैनेजमेंट और प्रिऑरिटी सेट करना। ये किताब पर्सनल लाइफ (परिवार, दोस्त, सेल्फ-केयर) और प्रोफेशनल गोल्स के बीच संतुलन बनाने पर जोर देती है। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है, जो जिंदगी की भागदौड़ में फंसे हुए हैं। रिसि अपने जीवन की चुनौतियों और सफलताओं को साझा करती हैं, जो किताब को रिलेटेबल और प्रेरणादायक बनाती है। उनकी कहानी दिखाती है कि मेहनत और सही आदतों से कोई भी बेहतर बना सकता है। किताब में कई महत्वपूर्ण बिंदु हैं, जो इसे जिंदगी से जुड़ी एक उपयोगी गाइड बुक बनाते हैं। इन मुख्य बातों को जीवन में अपनाने के तरीके किताब में दी गई आदतों को जीवन में लागू करने के लिए व्यावहारिक और सरल सुझाव दिए गए हैं। वर्तमान में जीना किताब में सलाह दी गई है कि भूत और भविष्य की चिंता छोड़कर हर पल को पूरी तरह जिएं। इसके लिए माइंडफुलनेस की प्रैक्टिस कर सकते हैं, जैसे हर दिन 5 मिनट का मेडिटेशन। नकारात्मकता से बचना अपने आसपास के नकारात्मक लोगों और परिस्थितियों से दूरी बनाएं। रिसि सुझाव देती हैं कि ‘NO’ कहना सीखें, ताकि अपने समय और ऊर्जा को सही जगह इस्तेमाल कर सकें। सेल्फ-केयर किताब में सेल्फ-केयर पर जोर दिया गया है। हर दिन अपने लिए समय निकालें। जैसे व्यायाम करना, किताब पढ़ना या कोई हॉबी अपनाना। इन आदतों को लागू करने के लिए, रिसि एक ‘एक दिन में एक कदम’ की सलाह देती हैं। किताब की खासियत सरल और रिलेटेबल भाषा किताब की भाषा बेहद सरल है, जो इसे हर उम्र के पाठकों के लिए सुलभ बनाती है। रिसि की लेखन शैली में एक दोस्ताना अंदाज है, जो पाठकों को किताब से जोड़ता है। प्रेरणादायक उदाहरण किताब में रिसि की अपनी कहानी के अलावा अन्य सफल लोगों के उदाहरण हैं, जो पाठकों को यह विश्वास दिलाते हैं कि बदलाव संभव है। उदाहरण के लिए, रिसि बताती हैं कि कैसे उन्होंने कनाडा में एक अप्रवासी के रूप में शुरुआत की और मेहनत से सफलता हासिल की। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन किताब का एक अनोखा पहलू यह है कि यह प्रोफेशनल गोल्स के साथ-साथ पर्सनल लाइफ पर भी ध्यान देती है। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है, जो अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं। प्रेरक कोट्स किताब में कई प्रेरक कोट्स हैं, जो पाठकों को मोटिवेट करते हैं। संक्षिप्त और केंद्रित 159 पेज की यह किताब संक्षिप्त है, जो बिना अनावश्यक विवरण के अपनी बात कहती है। लंबी किताबें न पढ़ने वालों के लिए ये किताब बेहतर है। ये किताब किसे पढ़नी चाहिए? यह किताब उन लोगों के लिए एक बेहतरीन शुरुआत है, जो अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं, लेकिन नहीं जानते कि कहां से शुरू करें। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के लिए भी ये एक अच्छी गाइड है। किताब की सरल भाषा और प्रेरणादायक कहानियां इसे मोटिवेशनल बनाती हैं। यह उन लोगों के लिए भी अच्छी है, जो सेल्फ-हेल्प बुक पढ़ना चाहते हैं। ………………. ये बुक रिव्यू भी पढ़िए बुक रिव्यू- सफलता के लिए जरूरी चार पुरुषार्थ: धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की मॉडर्न व्याख्या, भारतीय दर्शन समझना है तो ये किताब पढ़ें ‘इकिगाई’ किताब से दुनिया भर के लोगों को लंबी और खुशहाल जिंदगी का राज बताने वाले लेखक हेक्टर गार्सिया और फ्रांसेस्क मिरालेस अब भारत की प्राचीनता की ओर मुड़े हैं। उनकी नई किताब ‘चार पुरुषार्थ’ हिंदू दर्शन के उन चार लक्ष्यों पर आधारित है, जिन्हें हर इंसान की जिंदगी का आधार माना जाता है- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। पूरा रिव्यू पढ़िए…
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