आपका पैसा- क्या आप भी हैं किसी के लोन गारंटर:उधारकर्ता ने लोन नहीं चुकाया तो आपको भरना पड़ेगा, इसलिए ये 6 सावधानियां हैं जरूरी

अगर आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार को लोन की जरूरत है। वो आपसे लोन गारंटर बनने को कहता है, तो आप क्या करेंगे? बहुत संभावना है कि आप ‘हां’ कर देंगे, क्योंकि आमतौर पर लोग सोचते हैं कि सिर्फ कागज पर दस्तखत ही तो करने हैं। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ठहरिए। लोन गारंटर बनना सिर्फ एक फॉर्मेलिटी भर नहीं है। इसके साथ कई बड़ी जिम्मेदारियां भी आती हैं। अगर उधारकर्ता समय पर EMI (इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट) नहीं चुकाता है तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। बैंक या फाइनेंशियल कंपनी सीधे आपसे वसूली कर सकती है। आपको लोन लेने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए लोन गारंटर बनने से पहले इसके जोखिम समझना जरूरी है। ऐसे में आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि लोन गारंटर क्या होता है। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट, देहरादून सवाल- लोन गारंटर बनने का क्या मतलब है? जवाब- लोन गारंटर वह व्यक्ति होता है, जो किसी लोन की जिम्मेदारी या गारंटी लेता है। इस बात की गारंटी कि अगर उधार लेने वाला (बॉरोअर) किसी भी कारण से लोन की रकम नहीं चुका पाता, तो गारंटर उस लोन की पूरी रकम चुकाने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार होगा। सवाल- लोन गारंटर कौन बन सकता है? जवाब- कोई भी व्यक्ति लोन गारंटर बन सकता है, बशर्ते वह बैंक की तय योग्यता और शर्तों को पूरा करता हो। गारंटर बनने वाले व्यक्ति को भी वही क्रेडिट एलिजिबिलिटी (लोन लेने की योग्यता) मानदंड पूरे करने होते हैं, जो कि लोन लेने वाले के लिए होते हैं। यानी गारंटर की क्रेडिट प्रोफाइल बैंक की नजर में ठीक होनी चाहिए। लोन गारंटर बनने के लिए आमतौर पर करीबी पारिवारिक सदस्य ही राजी होते हैं। सवाल- बैंक लोन गारंटर के आय से जुड़े दस्तावेज क्यों जमा करवाता है और KYC क्यों करवाता है? जवाब- बैंक गारंटर की रिपमेंट कैपिसिटी से जुड़े सभी डाक्यूमेंट्स की जांच करता है और उन्हें जमा करवाता है। रेपेमेंट कैपिसिटी यानी गारंटर की लोन चुकाने की आर्थिक क्षमता। गारंटर एक तरह का ऐसा उधारकर्ता होता है, जो नियमित तौर पर ईएमआई नहीं चुका रहा होता। हालांकि, जब उधार लेने वाला व्यक्ति किस्त नहीं चुका पाता है, वहीं से गारंटर की भूमिका शुरू हो जाती है। उसे लोन चुकाना होता है। इसलिए गारंटर को भी नो योर कस्टमर (KYC) और आय से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लोन गारंटर इस लोन को चुकाने में सक्षम है या नहीं। सवाल- गारंटर बनने पर कौन-कौन सी जिम्मेदारियां आती हैं? जवाब- गारंटर बनने पर आपकी जिम्मेदारियां सिर्फ नाम या दस्तखत तक सीमित नहीं होती हैं। यह एक कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी (कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी) है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- आप जिसके लोन गारंटर हैं, अगर उसने समय पर लोन नहीं चुकाया तो बैंक आपके साथ क्या कर सकता है? जवाब- अगर उधारकार्ता किस्त नहीं चुकाता, तो बैंक गारंटर का क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। बैंक गारंटर से वसूली कर सकता है, नोटिस भेज सकता है। उसके बैंक खाते से पैसे काट सकता है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है। गारंटर को होने वाले सभी नुकसान ग्राफिक में देखिए- सवाल- गारंटर बनाने से पहले बैंक किन आर्थिक पहलुओं को जांचता है? जवाब- गारंटर बनाने से पहले बैंक व्यक्ति की आर्थिक स्थिति का आकलन करता है। इसमें उसकी आय, नौकरी या व्यवसाय की स्थिरता, मौजूदा कर्ज, क्रेडिट स्कोर और भुगतान का रिकॉर्ड देखा जाता है।बैंक यह सुनिश्चित करता है कि अगर उधारकर्ता लोन नहीं चुका पाए तो गारंटर उसे चुकाने में सक्षम हो। सवाल- किसी के लोन का गारंटर बनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- गारंटर बनने से पहले उधार लेने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता और उसकी लोन चुकाने की क्षमता जरूर जान-समझ लें। कोशिश करें कि केवल उसी व्यक्ति के गारंटर बनें, जिस पर आपको पूरा भरोसा हो। साथ ही उतनी ही लोन राशि के लिए गारंटर बनें, जिसे जरूरत पड़ने पर आप खुद चुका सकते हैं। लोन की सभी शर्तों और गारंटर की सभी जिम्मेदारियों को भी अच्छी तरह समझना जरूरी है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- अगर आप गारंटर हैं और लोन डिफॉल्ट हो गया है, तो खुद को कैसे बचाएं? जवाब- अगर उधारकर्ता लोन की किस्त नहीं चुका पा रहा है, तो सबसे पहले उससे बात करके भुगतान शुरू करने के लिए कहें। अगर समस्या हो रही है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करके स्थिति स्पष्ट करें। आप बैंक से वन-टाइम सेटलमेंट (बैंक और उधारकर्ता/गारंटर के बीच तय रकम देकर लोन बंद करना) या लोन री-स्ट्रक्चरिंग (लोन की अवधि, किस्त या भुगतान की शर्तों में बदलाव) का विकल्प मांग सकते हैं। भविष्य में गारंटर बनने से पहले लोन की सभी शर्तें अच्छी तरह समझें और जरूरत पड़े तो कानूनी सलाह जरूर लें। सवाल- अगर बतौर गारंटर अपना नाम लिस्ट से हटाना हो तो क्या तरीके हैं? जवाब- अगर गारंटर बनकर आपने दस्तखत कर दिए हैं, तो नाम हटाना आसान नहीं होता है। इसके लिए लोन लेने वाले को लोन ट्रांसफर कराना या नया गारंटर लाना होगा, साथ ही इसके लिए बैंक की मंजूरी जरूरी होती है। आप बैंक से लिखित अनुरोध कर सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला बैंक का होता है। कई परिस्थितियों में लोन की सभी किस्तें चुकने पर ही नाम हटता है। सवाल- गारंटर को लोन लेने वाले के बैंक स्टेटमेंट या EMI पेमेंट की जानकारी कैसे मिलती है? जवाब- गारंटर को आमतौर पर लोन लेने वाले के बैंक स्टेटमेंट या EMI भुगतान की जानकारी सीधे बैंक की ओर से नहीं दी जाती, क्योंकि यह ग्राहक की निजी जानकारी मानी जाती है। अगर लोन लेने वाला व्यक्ति खुद जानकारी साझा करता है या गारंटर उस लोन में सह-हस्ताक्षरकर्ता (ऐसा व्यक्ति, जो लोन एग्रीमेंट पर उधारकर्ता के साथ हस्ताक्षर करके जिम्मेदारी साझा करता है।) है, तो उसे लोन से जुड़ी जानकारी मिल सकती है। अगर लोन की किस्त समय पर नहीं भरी जाती, तो बैंक गारंटर को नोटिस भेजकर डिफॉल्ट की जानकारी देता है। इसलिए गारंटर को समय-समय पर उधारकर्ता से संपर्क में रहकर लोन की अदायगी की स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए, ताकि अचानक कोई आर्थिक जिम्मेदारी न आ जाए। ………………
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Source: Health

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